इंटरनेटटेक्नॉलजीफुल फॉर्म

एटीएम क्या होता है? Explain ATM Full Form in Hindi.

एटीएम तथा एटीएम की फुल फॉर्म के बारे में विस्तार से जानकारी

एटीएम हमारी रोजमरा से जुड़ी हुई एक मशीन है, जिसका हम सभी हर रोज कभी न कभी इस्तेमाल करते ही है। आज के समय में कोई भी बैंक में लंबी लाइन में लगकर पैसे नहीं निकलवाना चाहता है। इसलिए सभी एटीएम से ही पैसे निकलवाते है, परंतु क्या आपने कभी सोचा है इस छोटे से शब्द एटीएम कि फुल फॉर्म (ATM Full Form) क्या होती है। तो आज आपको हम इसी एटीएम से जुड़ी काफी सारी उपयोगी जानकारी देने वाले है।

डिजिटल इंडिया के तहत हम सभी आज डिजिटल हो गए है, आज के समय में हम अपना लेनदेन भी कैश कि बजाय ऑनलाइन करने कि सोचते है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी भी डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना चाहा है।

OTP Full Form क्या होती है? ओटीपी से जुड़ी सभी जानकारी हिन्दी में

यूपीआई क्या है? UPI Full Form क्या होती है?

TRP क्या है? TRP Full Form क्या होती है जानिए

आजकल हमें बैंकिंग में काफी अच्छी सुविधा मिलती है, हम आज बैंक से पैसे निकलवाने के लिए बैंक के अंदर जाकर लंबी लाइन में लगकर स्लिप भरकर पैसा निकलवाने में अपना समय खराब करना बिलकुल भी नहीं चाहते है। इसलिए हम सभी आज एटीएम में जाकर एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करके कुछ मिनटो में पैसे निकलवाकर आ जाते है।

तो चलिये दोस्तो हम एटीएम क्या होता है, एटीएम कि क्या फुल फॉर्म होती है। एटीएम का इस्तेमाल कैसे कर सकते है तथा इससे जुड़े सभी एटीएम के पार्ट्स के बारे में जानते है। अगर आप ATM Full Form के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते है तो इस Article को पूरा पढ़ लें।

एटीएम कि फुल फॉर्म क्या होती है? ATM Full Form?

एटीएम अँग्रेजी भाषा के तीन शब्दो से मिलकर बना है इन तीन शब्दो के अलग अलग अर्थ है तो चलिये जानते है एटीएम कि फूल फॉर्म (Full Form of ATM) के बारे में

ATM कि English में Full Form “Automatic Teller Machine” है। एटीएम कि हिन्दी में फुल फॉर्म “स्वचालित टेलर मशीन” बनती है। इसके अलावा भी काफी सारी एटीएम कि फुल फॉर्म लोगो द्वारा बनाई गयी है जिसमें एक आपने भी सुनी होगी जो “Any Time Money” बनती है।

A (ए) Automatic (स्वचालित)
T (टी) Teler (टेलर)
M (एम) Machine (मशीन)

एटीएम की अन्य फुल फोरम। ATM Other Usefull Full Form

Short Form Full Form
ATM Air Traffic Management
ATM Association of Teachers of Mathematics (संगठन)
ATM Angkatan Tentera Malaysia (Army)
ATM Altamira Airport
ATM Asynchronous Transfer Mode

एटीएम क्या है? What is ATM in Hindi?

एटीएम एक ऑटोमैटिक टेलर मशीन है, जिसका इस्तेमाल लेनदेन करने के लिए किया जाता है। यह एक इलेक्ट्रॉनिक दूरसंचार उपकरण है जिसके द्वारा आप बिना बैंक कि लाइन में लगे आसानी से रुपए निकाल सकते है। पहले एटीएम का इस्तेमाल सिर्फ बैंक से पैसा निकलवाने के लिए किया जाता था परंतु आज के समय में एटीएम से पैसे निकलवाने के अलावा भी काफी सारे काम किए जाते है। आज के समय में हम एटीएम से रुपए निकलवाने के साथ साथ ट्रान्सफर, रीचार्ज जैसे अन्य काम भी कर सकते है। क्या आपको पता है एटीएम के भी अलग अलग प्रकार (Types of ATM) होते है

atm ki full form kya hai

एटीएम के प्रकार। Types of ATM in Hindi?

आज के समय में लोग व्यस्त दिनचर्या के कारण ब्रांच में जाना पसंद नहीं करते है, इस कारण एटीएम को प्रोत्साहन मिला है। एटीएम के बढ़ते उपयोग ने इसे पहले से काफी अलग बना दिया है तो चलिये जानते है एटीएम के निम्न प्रकार के बारे में -:

ATM के अलग अलग प्रकार
White Label ATM Biometric ATM
Brown Label ATM Micro ATM
Green Label ATM Online ATM
Orange Label ATM Offline ATM
Yellow Label ATM On Side ATM
Pink Label ATM Off Side ATM

White Label ATM –

इस प्रकार के एटीएम को किसी बैंक के द्वारा न लगाकर किसी गैर बैंकिंग संस्था के द्वारा लगाया जाता है। किसी भी संस्था को White Label ATM लगाने के लिए उसकी कम से कम नेटवर्थ 100 करोड़ रुपए होनी चाहिए। भारत के अंदर सबसे पहले रिजर्व बैंक के द्वारा White Label ATM (ATM Full Form) लगाने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड के साथ करार किया था। इस संस्था ने ‘इंडिकैश’ (Indicash) नाम से भारत में व्हाइट लेबल एटीएम की शुरुआत की थी।

  1. इस प्रकार के एटीएम में बाकी एटीएम की तरह सभी सुविधाएं मौजूद होती है परंतु इसके द्वारा किसी भी बैंक को प्रचारित नहीं किया जाता है। इस प्रकार की एटीएम पर किसी बैंक का लोगों नहीं लगा हुआ होता है।
  2. भारत के अंदर किसी भी कंपनी जिसकी नेटवर्थ 100 करोड़ से ज्यादा हो उसे कंपनी अधिनियम 1956 के तहत इस प्रकार के एटीएम के संचालन की अनुमति है। भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के तहत इस प्रकार के एटीएम को कोई कंपनी रिजर्व बैंक से अधिकार प्राप्त करके लगा सकती है।
  3. इस प्रकार के एटीएम नेटवर्क में मुख्य रूप से तीन पक्ष शामिल होते है पहला पक्ष वह गैर बैंकिंग कंपनी यां संगठन जो इसे लगता है दूसरा पक्ष जिसके पास में इसका मालिकाना हक होता है तीसरे पक्ष के द्वारा इसका रख रखाव एवं सुरक्षा को देखा जाता है। आम एटीएम जिनका इस्तेमाल हम कराते है उसमें सिर्फ दो प्रकार के पक्ष होते है।
  4. इस प्रकार के एटीएम के कैश मैनेजमेंट का काम उस बैंक के द्वारा किया जाता है जो बैंक इस एटीएम को स्पोंसर कर रहा है। एटीएम के मालिकाना हक वाली कंपनी को इसके कैश मैनेजमेंट को संभालने की ज़िम्मेदारी नहीं होती है।
  5. इस प्रकार के एटीएम के लेनदेन में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का सीधा सीधा संपर्क होता है क्योंकि ये आरबीआई के द्वारा मान्यता प्राप्त करने के बाद ही लगाए जा सकते है।
  6. इस प्रकार के एटीएम में आपको एटीएम से जुड़ी सभी सुविधाएं मिलती है परंतु आप इन एटीएम में पैसे नगद जमा नहीं करवा सकते है।

Brown Label ATM –

जब कोई बैंक अपने एटीएम से जुड़े सभी कामकाज किसी तीसरे संगठन, कंपनी को सोंप देता है तथा उस तीसरे पक्ष के द्वारा लगाए गए सभी एटीएम Brown Label ATM कहलाते है। इस प्रकार के एटीएम के अंदर उस बैंक का प्रचार किया जाता है, इन एटीएम पर उस बैंक का लॉगो भी लगा हुआ होता है।

  1. इस प्रकार के एटीएम को लगाने के लिए आपको उस बैंक से अनुमति लेनी होगी जिस बैंक का एटीएम आप लगाना चाहते है। इसमें आपको उस बैंक के साथ अनुबंध करना पड़ता है।
  2. Brown Label ATM के अंदर कैश की सुविधा उस बैंक के द्वारा दी जाती है जिसका यह एटीएम होता है। इसके अलावा इस बैंक में होने वाले खर्चे को भी बैंक तथा दूसरे पक्ष के द्वारा बांटा जाता है।

Green Label ATM –

इस प्रकार के एटीएम कृषि संबंधी लेनदेन के लिए लगाए जाते है। जो एटीएम कृषि से जुड़े लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए लगाए जाते है उन्हे Gree Lebel ATM कहा जाता है। आपने गांवो के अंदर सहकारी समिति वाले एटीएम देखे होने ये एटीएम इस श्रेणी में आते है।

Orange Label ATM –

शेयर संबंधी लेनदेन के लिए जिन एटीएम को लगाया जाता है यां इस्तेमाल किया जाता है उन्हे Orange label ATM कहा जाता है। इस प्रकार के एटीएम से आप किसी भी प्रकार के शेयर मार्केट यां स्टॉक मार्केट से जुड़े लेनदेन कर सकते है।

Yellow Label ATM –

e-Commerce से जुड़े लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एटीएम को Yellow Label ATM कहते है।

Pink Label ATM –

पिंक कलर का नाम सुनते ही आप समझ गए होंगे की यह कलर महिलाओं से जुड़ा है तो यह एटीएम भी महिलाओं से जुड़ा होगा। अगर आपने यह सोचा है तो आप बिलकुल सही है जिन एटीएम को महिलाओं के लिए लेनदेन करने के लिए लगाया जाता है उन्हे Pink Label ATM कहा जाता है। इस प्रकार वाले एटीएम भीड़भाड़ में महिलाओं को एटीएम से पैसे निकलवाने में आसानी हो इसके लिए लगाए जाते है।

Biometric ATM –

आपने कई ऐसे एटीएम देखें होंगे जिनके अंदर Finger Print लगाने की जगह भी होती है। आज के समय में इस प्रकार के आत्म कोई बढ़ावा मिलता है। इनमें आप अपना अंगूठा लगाकर अपनी पहचान प्रमाणित करके पैसे निकाल सकते है। इन्हे Biometric ATM कहा जाता है।

Micro ATM –

आपने कभी पेट्रोल डलवाते वक्त ऑनलाइन पेमेंट की होगी तो देखा होगा की आपका कार्ड एक छोटी सी मशीन में स्वाइप करके आपने कोड लगाना होता है और आपने जीतने का पेट्रोल डलवाया है उतने पैसे आपके अकाउंट से कट जाते है। इस प्रकार के एटीएम को माइक्रोएटीएम कहा जाता है।

  1. माइक्रो एटीएम को आप एक जगह से दूसरी जगह पर आसानी से ले जा सकते है तथा इनका इस्तेमाल करना काफी आसान होता है।
  2. इस प्रकार के एटीएम का ज़्यादातर उपयोग पेट्रोल पम्प, सिनेमा, शॉप तथा मॉल कॉम्प्लेक्स में ज्यादा किया जाता है।
  3. इससे आप अपने अकाउंट से पैसा नहीं निकलवा सकते है इसमें आपके अकाउंट से पैसा कटकर सामने वाले के पास पहुँच जाता है।
  4. माइक्रो एटीएम की मदद से आप अपने अकाउंट का बैलेन्स चेक कर सकते है, अपने अकाउंट में पैसा डलवा सकते है। इसके अलावा इसमें फिंगर प्रिंट की सुविधा भी मौजूद होती है।

Online ATM –

इस प्रकार के एटीएम अपने बैंक के साथ 24 घंटे 7 दिन हमेशा डेटाबेस से जुड़े रहते है। जिस कारण आप किसी भी ऑनलाइन एटीएम से अपने अकाउंट में मौजूद पैसे से ज्यादा नहीं निकलवा सकते है। इसके अंदर आपके अकाउंट से जुड़ी सभी जानकारी एटीएम में स्टोर रहती है।

Offline ATM –

जो एटीएम ऑनलाइन अपने बैंक के डेटाबेस के साथ कनैक्ट नहीं रहते है उन्हे ऑफलाइन एटीएम कहते है। आपने कई बार देखा यां सुना होगा की किसी के एटीएम में कम पैसे होते है फिर भी वह ज्यादा पैसे निकलवा लेता है ऐसा ऑफलाइन एटीएम में होता है। यह एटीएम डेटाबेस के साथ कनैक्ट नहीं होता जिस कारण आप इसमें से आपके अकाउंट में मौजूद रुपयों से ज्यादा निकलवा सकते है परंतु बाद में आपको इसके बदले में अच्छा खासा फ़ाइन भरना होगा।

On Side ATM –

जो एटीएम अपनी शाखा के पास में यां अंदर मौजूद होते है उन्हे ऑन साइड एटीएम कहा जाता है। आपने देखा होगा कुछ एटीएम ब्रांच के अंदर ही मौजूद होते है इन्हे इसलिए शाखा में लगाया जाता है ताकि पैसे निकलवाने वाले दोनों जगह से पैसा निकलवा सके। इसके अलावा इससे बैंक को सुरक्षा के लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ता है।

Off Side ATM –

जो एटीएम शाखा के अंदर मौजूद न होकर कहीं दूसरी जगह मौजूद हो उन्हे ऑफ साइड एटीएम कहते है। ज़्यादातर बड़े शेरॉन के अंदर एक यां दो बैंक की ब्रांच होती है परंतु एटीएम का ज्यादा उपयोग होने के कारण इन्हे ज्यादा लगाना पड़ता है तो इन्हे शाखा से दूर लगाया जाता है। इन एटीएम को ऑफ साइड एटीएम कहा जाता है।

एटीएम के पार्ट्स तथा उनके काम

एटीएम के अंदर भी कंप्यूटर की तरह आउटपुट तथा इनपुट दो प्रकार के पार्ट्स होते है। इनका काम इनपुट लेना तथा आउटपुट देना होता है तो चलिये विस्तार से जानते है एटीएम के इनपुट तथा आउटपुट डिवाइस के बारे में

इनपुट डिवाइस/Input Device – एटीएम के अंदर इनपुट लेने के लिए जिन डिवाइस का इस्तेमाल किया जाता हैं उन्हे एटीएम के इनपुट डिवाइस कहा जाता है। एटीएम में अलग अलग इनपुट डिवाइस होते है

  • कार्ड रीडर – कार्ड रीडर के अंदर हम अपने एटीएम कार्ड को लगते है जिसके बाद हमारे एटीएम कार्ड में लगी चुम्बकीय पट्टी से हमारे डाटा को पढ़कर प्रमाणित करने के लिए उसके बैंक के सर्वर पर भेजता है। जिसके बाद सर्वर से डाटा प्रमाणित होने के बाद हमें कैश निकालने की अनुमति देता है। हम अपने एटीएम कार्ट को पैसे निकालने के लिए जहां पर लगते है उस जगह को ही कार्ड रीडर कहा जाता है।
  • कीपेड यां बटन – हम अपने एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए जरूरी जानकारी बटन के माध्यम से एटीएम को देते है इसे एटीएम का कीपैड इनपुट डिवाइस कहा जाता है। इसकी मदद से ही आप कितनी राशि निकालनी है, आपके एटीएम कार्ड का पिन दर्ज करते है।
  • स्क्रीन – यह इनपुट तथा आउटपुट दोनों प्रकार के कामो को करती है, इसमें हमने हमारे द्वारा मांगे गए डाटा का आउटपुट दिखाया जाता है तथा इस स्क्रीन की मदद से भी हम इनपुट दे सकते है।

आउटपुट डिवाइस – जिस प्रकार इनपुट देने के लिए इनपुट डिवाइस होते है उसी प्रकार एटीएम के अंदर आउटपुट के लिए भी कुछ डिवाइस लगे हुए होते है।

  • स्पीकर – आज के समय में लगभग सभी एटीएम के अंदर आपको स्पीकर देखने को मिल जाएंगे, आप इन स्पीकर की मदद से आपने जो डाटा डाला है जो आउटपुट चाहते है उसे सुन भी सकते है। अगर आपको इंग्लिश समझ नहीं आती है तो आप स्पीकर का इस्तेमाल कर सकते है।
  • कैश डिस्पेंशर – भैया एटीएम के अंदर सबसे जरूरी पार्ट Cash Dispenser होता है आप इसकी मदद से ही अपने पैसे एटीएम से निकलवाते है। सोचिए अगर यह पार्ट ना हो तो आप एटीएम को इनपुट तो देंगे परंतु आपके हाथ में पैसे नहीं आएंगे। इसलिए एटीएम का सबसे जरूरी पार्ट Cash Dispenser होता है जिसके बिना हमारा काम नहीं चल सकता है।

एटीएम से जुड़ी कुछ उपयोगी जानकारी

  • एटीएम मशीन का आविष्कार वैसे तो Luther George Simjian नाम के अमेरिकी नागरिक ने 1939 में कर ली थी तथा इस मशीन का नाम उन्होने Bankmatic रखा था परंतु उनके इस आविष्कार को लोगो ने ज्यादा महत्व नहीं दिया जिस कारण इनका नाम इतिहास के पन्नो में कोई नहीं लेता है। परंतु बाद में इस मशीन में थोड़ा बदलाव करके जॉन शेफर्ड बैरोन ने बनाया था जिस कारण एटीएम के आविष्कारक के रूप में जॉन शेफर्ड बैरोन का नाम लिया जाता है। परंतु इस आविष्कार की शुरुआत और आइडिया तो अमेरिकी नागरिक के द्वारा दिया गया था।
  • सबसे पहले जॉन शेफर्ड बैरोन ने एटीएम का पिन 6 अंको का रखा था परंतु उनकी पत्नी को इतना बड़ा पिन याद रखना कठिन था। इसलिए उन्होने अपनी पत्नी की सुविधा के लिए 4 अंको का कर दिया, जो आज तक चार अंको का ही है।
  • भारत के अंदर पहल एटीएम 1987 में स्थापित किया गया था जिसे हांगकांग और शंघाई बैंकिंग कॉर्पोरेशन ने स्थापित किया था। एक बात और जो हम सब के लिए गर्व की बात है दुनियाँ का पहला फ्लोटिंग एटीएम भारत में केरल के अंदर स्थित है।
  • दुनियाँ में पहल एटीएम लंदन के अंदर 27 जून 1967 को Barclays Bank में स्थापित किया थ। सबसे पहले एटीएम से पैसे निकालने वाले व्यक्ति प्रसिद्ध हास्य अभिनेता रेग वर्नी थे।
  • रोमानिया में बिना एटीएम के पैसे निकलवा सकते है इसके अलावा ब्राज़ील में बायोमेट्रिक एटीएम है जिसमें आपको पैसा निकलवाने के लिए अपनी पहचान प्रमाणित करनी होगी। यह सुरक्षा की दृष्टि के लिए किया जाता है ताकी किसी की पिन पता होने पर भी वह आपके अकाउंट से पैसा न निकलवा सके।

एटीएम से पैसे कैसे निकाल सकते है? How to Withdraw Money from ATM Machine?

हमने ATM Full Form के बारे में तो जान चुके है अब यह भी जान लेते है कि एटीएम से पैसे कैसे निकाल सकते है। एटीएम से पैसे निकालना काफी आसान काम है, परंतु इसके लिए आपको सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। एटीएम से पैसे निकालने के लिए आप कुछ प्रोसैस को फॉलो करें

  1. सबसे पहले आपने एटीएम के अंदर अपना एटीएम कार्ड लगाना है जिसके बाद आपके एटीएम कार्ड का पासवर्ड आपको एटीएम में लगाना होगा।
  2. पासवर्ड लगाने के बाद आपने Withdraw के ऑप्शन को Open करके Saving Account को चुनना है। जिसके बाद आपने अपने अकाउंट से कितने पैसे निकालने है।
  3. उसके बाद आपके पैसे एटीएम के Cash Dispenser से निकाल जाएंगे। पैसे निकालने के बाद कैन्सल करके आप अपना एटीएम कार्ड निकाल सकते है।

how withdraw atm money hindi

ध्यान रहे एटीएम से पैसे निकलवाते वक्त हो सके तो किसी दूसरे अनजान व्यक्ति से सहायता न ले। इससे आपके एटीएम कार्ड के पासवर्ड चोरी हो सकते है तथा आपके अकाउंट से कोई पैसे भी निकलवा सकता है।

एटीएम कैसे काम करता है? How Does The ATM Work?

एटीएम Electronic Telecommunications Device है जिसमें हम अपने अकाउंट तक एक कार्ड के द्वारा पहुँचते है। हमारे एटीएम कार्ड के अंदर एक चुम्बकीय चिप लगी होती है जिसमें हमारे अकाउंट से जुड़ी सभी जानकारी भरी होती है। जब हम इस कार्ड को एटीएम के अंदर लगते है तो एटीएम इस कार्ड की जानकारी बैंक के सर्वर पर भेजता है और हमारे अकाउंट में मौजूद पैसे की जानकारी सर्वर से लेता है।

उसके बाद हमने जीतने पैसे निकलवाने है उतने पैसे हमारे अकाउंट में मौजूद है तो पासवर्ड लगाने के बाद आपको आपके पैसे निकाल दिये जाते है। यह प्रोसैस हमें जितना आसान लगता है उतना ही काठी है।

एटीएम के मुख्य कार्य तथा फायदे क्या है?

  • एटीएम के द्वारा हम जमा किए हुए पैसे बड़ी आसानी से बिना बैंक की लंबी लाइन में लगे निकाल सकते है। इसमें आपको बाकी बचे हुए बैलेन्स की जानकारी भी मिल जाती है, जिससे हमारा समय बचता है।
  • हम अपने अकाउंट से किसी दूसरे के अकाउंट में आसानी से पैसे ट्रान्सफर कर सकते है इसके लिए हमें बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • एटीएम की मदद से आप 24 घंटे में कभी भी पैसे निकाल सकते है, बैंक का समय निश्चित होता है। इसके अलावा आपको पैसे निकलवाने के लिए किसी बैंक के कर्मचारी के पीछे नहीं भागना पड़ेगा।
  • ये एटीएम के मुख्य कार्य तथा फायदे है इसके अलावा भी एटीएम के काफी सारे फायदे भी है। आज तो हम अपने एटीएम से अपने अकाउंट में पैसे भी डाल सकते है अपने मोबाइल में रीचार्ज कर सकते है।

2020 में एटीएम में क्या नया फीचर आया?

2020 के अंदर एटीएम में मोबाइल रीचार्ज (Mobile Recharge Feature in ATM) करने का फीचर आ गया है। बैंक के द्वारा लॉकडाउन के कारण रीचार्ज की दुकाने बंद होने के कारण एटीएम के अंदर ही रीचार्ज की फीचर दे दिया गया है। आज आप अपने एटीएम कार्ड से पैसे कटवाकर आसानी से रीचार्ज कर सकते है।

निष्कर्ष/आज हमने क्या सीखा –

आज हमने आपको एएटीएम की फुल फॉर्म (ATM Full Form in Hindi) क्या होती है, एटीएम का आविष्कार किसने किया, अत का इस्तेमाल कैसे कर सकते है इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है। आप इस Article को पढ़कर एटीएम के बारे में सब कुछ जान गए होंगे।

अगर आपको हमारा आज का यह आर्टिक्ल पसंद आया है तो आप इसे Social Media पर अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर कर दें। आज हमने आपको एटीएम से जुड़ी जो जानकारी बताई है उसे आपको पढ़ने के बाद किसी दूसरे ब्लॉग पर जाकर एटीएम से जुड़ी कोई जानकारी दुबारा नहीं खोजनि पड़ेगी।

अगर फिर भी आपने एटीएम से जुड़ी यां अन्य किसी टॉपिक पर कोई जानकारी जाननी है तो हमने कमेंट में बता दें, हम उस टॉपिक पर आपको आर्टिक्ल लिखकर पूरी जानकारी मुहैया करवा देंगे।

Tags

पवन सिंह

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पवन सिंह है, मैं राजस्थान में जयपुर से हूँ तथा स्नातक कर रहा हूँ। आपको इस ब्लॉग पर टेक्नॉलजी, इंटरनेट, मोबाइल से जुड़ी काफी सारी जानकारी मिलेगी। आपका कोई मेरे ब्लॉग के लिए कीमती सुझाव हो तो कमेंट में बताने की कृप्या करें, आप हमसे जुडने के लिए हमें Social Media ☟ पर Follow कर लें।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Close
Close